Film Shaheed-E-Aazam Is Untold Story of Legend Bhagat Singh, Rajguru, Sukhdev and Freedom Fighters

फ़िल्म “शहीद ए आज़म” भगत सिंह और  उनके  साथीयों की अनकही कहानी है।

बॉलीवुड में निर्मित शहीद ए आज़म भगत सिंह पर कई फ़िल्म बन चुकी है, पर उनकी कहानी केवल भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की आज़ादी के जंग और उनकी फाँसी तक ही सीमित है। परंतु निर्माता निर्देशक अरुण पाठक द्वारा बनाई यह फ़िल्म “शहीद ए आज़म” भगत सिंह के साथ संघर्षशील क्रांतिकारी बिहार के पंडित कमल नाथ तिवारी और उनके साथियों के १९३१ में भगत सिंह के फाँसी के पश्चात १९४७ आज़ादी तक १६ वर्षो के  अनकही संघर्ष की गाथा है।

पंडित कमल नाथ तिवारी व उनके साथियों ने किस तरह भगत सिंह द्वारा जलाए हुए आज़ादी के मशाल की लौ को बुझने नहीं दिया, कितनी यातनाएं सही, इसे दर्शाने वाली इस फ़िल्म के निर्माता और उनके साथी बधाई के पात्र हैं।

फ़िल्म “शहीद ए आज़म” के निर्माता निर्देशक अरुण पाठक हैं, एसोसिएट निर्मात्री काजल हैं, गीत फणीन्द्र राव, अविनाश पांडेय, सत्येंद्र मिश्रा और पवन शर्मा का है, संगीत काजल पाठक और दामोदर राव का है व पटकथा अविनाश पांडेय की है। फ़िल्म को अपने अदाकारी से निखारने वाले कलाकार हैं निखिल निकज, राहुल पाठक, सिबू गिरी, रुद्र तिवारी, प्रशांत कुमार, नीरज सिंह, राजदीप कुमार, सुनील सिंह, चन्नू चौबे, सुमित तिवारी, चंदन झा, मुकेश झा, इमरान खान, प्रकाश तिवारी, संजय दुबे और इमरान शेख,इत्यादि हैं। ——— Publish Media (Akhlesh Singh PRO)

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